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देसी रण्डी की कामुक और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन गाथा

कम्मो बाई स्वीकारोक्तियाँ – इस नई धारावाहिक चित्रकथा में किरतु मुम्बई की एक प्रसिद्ध तवायफ़ कामिनी की कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं। कम्मो की कहानी, उसी की जुबानी ! उस दिन से लेकर, जब उसे पता चला था कि उसकी माँ एक कोठेवाली है, तब तक जब वह खुद एक शीर्ष धन्धे वाली बन गई।

www.kirtu.com पर देखने आइए ‘कोठा’ और जानिए देसी रण्डियों के कामुक और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन के बारे में !

” कम्मो बाई स्वीकारोक्तियाँ ” की पहली कड़ी ! एक नए, अनूठे चौड़े प्रारूप में !


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